ऱीति रिवाज कर बारे म
बिहाव: बैगा समाज म बिहाव ले बडे खुसी ले करथैं। इंखर बिहाव अधिकतर बैसाख, जैठ माह म होथैं। लड़कावारे लड़क़ी ले देखेले जाथै अउर पसंद आथै तो बिहाव कर तिआऱी करथै। बैगा समाज बिहाव कर बेरा म रदा नेंग करथैं जसे लड़कावारे मंद लैजथै, पानी भरथैं, माटी खनथैं, मंढा काटेले जाथै आदि। इंखर बिहाव ले ‘दोसी डोकरा’ करवाथै। बिहाव कर बेरा म ददरिया अउर बिरहा गाथैं अउर नाचथैं।